
मानखुर्द ड्रग्स रैकेट का भंडाफोड़: मुंबई पुलिस ने 83.478 किलो गांजा किया जब्त, महिला गिरफ्तार
मुंबई में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी-नारकोटिक्स सेल (ANC) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस कार्रवाई में मानखुर्द इलाके से 83.478 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया और एक महिला को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का मानना है कि यह केवल एक स्थानीय स्तर का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग्स नेटवर्क के होने की संभावना है।
गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार एंटी-नारकोटिक्स सेल की घाटकोपर यूनिट को विश्वसनीय सूचना मिली थी कि मानखुर्द के महाराष्ट्र नगर, मंडाला क्षेत्र में रहने वाली एक महिला बड़ी मात्रा में गांजा छिपाकर रखे हुए है और उसकी तस्करी में शामिल है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने कई दिनों तक निगरानी रखी और संदिग्ध गतिविधियों की पुष्टि होने पर 4 जून 2026 को विशेष छापेमारी अभियान चलाया।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने महिला के निवास स्थान और उससे जुड़े एक अन्य ठिकाने की तलाशी ली। तलाशी के दौरान अधिकारियों को बड़ी मात्रा में गांजा मिला, जिसका कुल वजन 83.478 किलोग्राम निकला। बरामद नशीले पदार्थ को तुरंत जब्त कर लिया गया और महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।
महिला गिरफ्तार, NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज
बरामदगी के बाद महिला को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। उसके खिलाफ ट्रॉम्बे पुलिस स्टेशन में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट, 1985 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का आरोप है कि महिला न केवल गांजे को अपने पास रखे हुए थी बल्कि उसकी सप्लाई और तस्करी से भी जुड़ी हुई थी।
NDPS एक्ट के तहत इतनी बड़ी मात्रा में गांजे की बरामदगी को गंभीर अपराध माना जाता है। यदि जांच में आरोप सिद्ध होते हैं तो आरोपी को लंबी जेल सजा और भारी आर्थिक दंड का सामना करना पड़ सकता है। भारत में नशीले पदार्थों की तस्करी के मामलों में अदालतें आमतौर पर सख्त रुख अपनाती हैं। हाल ही में मुंबई की एक विशेष NDPS अदालत ने 9 किलो गांजा रखने के मामले में एक महिला को पांच साल की सजा सुनाई थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि ऐसे अपराधों को न्यायपालिका गंभीरता से देखती है।
बड़े नेटवर्क की आशंका
प्रारंभिक जांच में पुलिस को ऐसे संकेत मिले हैं कि यह पूरा मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है। अधिकारियों को संदेह है कि इस नेटवर्क में अन्य राज्यों के लोग भी शामिल हो सकते हैं। बरामद मात्रा को देखते हुए यह माना जा रहा है कि गांजा केवल स्थानीय खपत के लिए नहीं था बल्कि इसे मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में सप्लाई किए जाने की योजना थी।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि गांजा कहां से लाया गया, इसके सप्लायर कौन हैं और इसके खरीदार कौन थे। पुलिस मोबाइल रिकॉर्ड, बैंकिंग लेनदेन और संपर्कों की जांच कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
मुंबई में बढ़ती ड्रग्स तस्करी की चुनौती
मुंबई लंबे समय से ड्रग्स तस्करों के निशाने पर रही है। देश के आर्थिक केंद्र होने के कारण यहां नशीले पदार्थों की मांग और सप्लाई दोनों बड़ी मात्रा में मौजूद हैं। हाल के महीनों में मुंबई और महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों में कई बड़ी कार्रवाई हुई हैं।
पिछले सप्ताह मुंबई पुलिस ने दक्षिण मुंबई के एक फ्लैट में चल रही अवैध ड्रग्स लैब का भंडाफोड़ किया था, जहां से मादक पदार्थों के साथ हथियार भी बरामद हुए थे। इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
इसी तरह, मुंबई पुलिस ने पहले भी करोड़ों रुपये मूल्य के विभिन्न मादक पदार्थ नष्ट किए थे, जो वर्षों से दर्ज मामलों में जब्त किए गए थे। इससे स्पष्ट है कि शहर में ड्रग्स तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
महाराष्ट्र में सक्रिय अंतरराज्यीय गिरोह
ड्रग्स तस्करी अब केवल शहरों तक सीमित नहीं रह गई है। हाल ही में नागपुर क्षेत्र में राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने 522 किलोग्राम से अधिक गांजा जब्त कर एक अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया था। जांच में सामने आया था कि यह नेटवर्क ओडिशा और आंध्र प्रदेश से महाराष्ट्र तक गांजा पहुंचाता था।
पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ क्षेत्रों में भी कई बार बड़े पैमाने पर गांजा जब्त किया गया है। कई मामलों में यह सामने आया कि नशीले पदार्थ दूसरे राज्यों से महाराष्ट्र लाए जा रहे थे। इसी वजह से मानखुर्द मामले में भी पुलिस अंतरराज्यीय कनेक्शन की जांच कर रही है।
पुलिस की रणनीति
मुंबई पुलिस के अनुसार शहर और उपनगरों में नशीले पदार्थों के अवैध व्यापार को समाप्त करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। एंटी-नारकोटिक्स सेल को लगातार खुफिया जानकारी जुटाने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। मानखुर्द की यह कार्रवाई उसी अभियान का हिस्सा है।
अधिकारियों का कहना है कि ड्रग्स तस्करी केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं बल्कि सामाजिक समस्या भी है। नशीले पदार्थों की लत युवाओं को प्रभावित करती है और इससे अपराध दर में भी वृद्धि होती है। इसलिए पुलिस ऐसे मामलों में केवल गिरफ्तारियों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि पूरे नेटवर्क को खत्म करने पर ध्यान दे रही है।
आगे क्या?
फिलहाल गिरफ्तार महिला से पूछताछ जारी है। पुलिस उसके संपर्कों, कॉल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। संभावना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। यदि पुलिस को अन्य राज्यों से जुड़े सबूत मिलते हैं तो जांच का दायरा और बढ़ सकता है।
मानखुर्द में 83.478 किलोग्राम गांजे की बरामदगी मुंबई में हाल के समय की महत्वपूर्ण ड्रग्स विरोधी कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है। इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह दिखाया है कि नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियां लगातार सक्रिय हैं और ऐसे नेटवर्क को तोड़ने के लिए व्यापक स्तर पर काम कर रही हैं।
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