₹2.79 करोड़ के सोना धोखाधड़ी और रंगदारी मामले में अंगड़िया गिरफ्तार: अंडरवर्ल्ड के नाम पर धमकी, ₹1 करोड़ की फिरौती मांगने का आरोप
मुंबई में सोने के कारोबार से जुड़े एक बड़े धोखाधड़ी और कथित रंगदारी मामले में क्राइम ब्रांच ने एक अंगड़िया (कीमती सामान और नकदी पहुंचाने वाली पारंपरिक कूरियर सेवा) को गिरफ्तार किया है। इस मामले में करोड़ों रुपये के सोने के लेन-देन, अंडरवर्ल्ड के नाम पर धमकी और ₹1 करोड़ की फिरौती मांगने जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं। पुलिस का मानना है कि यह मामला केवल आर्थिक धोखाधड़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें संगठित अपराध और भय पैदा कर वसूली करने की साजिश भी शामिल हो सकती है।
क्या है पूरा मामला?
जांच के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान 50 वर्षीय राकेश मंडालिया के रूप में हुई है, जो दक्षिण मुंबई के भुलेश्वर क्षेत्र में अंगड़िया का काम करता था और बोरीवली का निवासी है। आरोप है कि जनवरी 2026 के दौरान एक सोना-चांदी व्यापारी ने लगभग 1.7 किलोग्राम 24 कैरेट सोना विभिन्न ग्राहकों को बेचा था। इस सोने की कुल कीमत लगभग ₹2.79 करोड़ थी।
व्यापारियों और ग्राहकों के बीच भुगतान एकत्र करने और संबंधित फर्म तक पहुंचाने की जिम्मेदारी अंगड़िया नेटवर्क के माध्यम से निभाई जाती थी। शिकायत के अनुसार, ग्राहकों से प्राप्त रकम आरोपी के पास पहुंची, लेकिन उसने वह राशि संबंधित ज्वेलरी फर्म तक नहीं पहुंचाई। कई बार संपर्क करने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया।
भुगतान मांगने पर शुरू हुई धमकियां
जब व्यापारी ने अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए, तब कथित रूप से आरोपी और उसके परिवार के सदस्यों ने उसे धमकाना शुरू कर दिया। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी पक्ष ने अंडरवर्ल्ड के कुख्यात “डी-कंपनी” का नाम लेकर डराने की कोशिश की और पैसे मांगना बंद करने के लिए दबाव बनाया।
व्यापारी का आरोप है कि यदि वह रकम की मांग जारी रखता तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी जाती थी। इससे मामला केवल आर्थिक विवाद न रहकर आपराधिक धमकी और रंगदारी के दायरे में पहुंच गया।
विदेश से आया धमकी भरा फोन
मामले ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब शिकायतकर्ता को एक अंतरराष्ट्रीय नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को “हाजी भाई” बताया और कथित रूप से व्यापारी से ₹1 करोड़ की फिरौती मांगी। साथ ही पैसे नहीं देने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई।
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह कॉल दुबई से जुड़े नेटवर्क से होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि कॉल करने वाले की वास्तविक पहचान और उसके आपराधिक संबंधों की पुष्टि के लिए जांच जारी है।
क्राइम ब्रांच की कार्रवाई
शिकायत मिलने के बाद मामला पहले जे.जे. मार्ग पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया। बाद में इसकी गंभीरता को देखते हुए जांच मुंबई क्राइम ब्रांच और एंटी-एक्सटॉर्शन सेल को सौंप दी गई। जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर राकेश मंडालिया को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चार मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इन फोन की फॉरेंसिक जांच की जा रही है ताकि कॉल रिकॉर्ड, चैट, बैंकिंग लेन-देन और अन्य डिजिटल सबूतों का विश्लेषण किया जा सके।
परिवार और अन्य लोगों की भूमिका की जांच
जांच एजेंसियों का कहना है कि इस पूरे मामले में केवल मुख्य आरोपी ही नहीं, बल्कि उसके परिवार के कुछ सदस्य भी जांच के दायरे में हैं। पुलिस को संदेह है कि आरोपी की पत्नी, ससुर और विदेश में मौजूद कुछ व्यक्तियों ने कथित रूप से रकम हड़पने और शिकायतकर्ता को डराने-धमकाने की साजिश में भूमिका निभाई हो सकती है।
इसी कारण पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन और आपसी संपर्कों की गहन जांच कर रही है। यदि साजिश के सबूत मिलते हैं तो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।
अंगड़िया सिस्टम पर फिर उठे सवाल
इस मामले ने एक बार फिर अंगड़िया प्रणाली की सुरक्षा और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गुजरात और महाराष्ट्र में ज्वेलर्स तथा हीरा व्यापारियों के बीच अंगड़िया सेवा वर्षों से नकदी, सोना, चांदी और कीमती दस्तावेजों के परिवहन के लिए उपयोग की जाती रही है। हालांकि समय-समय पर धोखाधड़ी, लूट और गबन के मामले सामने आने से इसकी निगरानी को लेकर चिंता बढ़ी है।
पुलिस क्या तलाश रही है?
मुंबई क्राइम ब्रांच अब निम्न बिंदुओं पर विशेष ध्यान दे रही है:
- ₹2.79 करोड़ की रकम आखिर कहां गई?
- क्या पैसा किसी अन्य खाते या हवाला नेटवर्क में ट्रांसफर किया गया?
- धमकी देने वाला “हाजी भाई” कौन है?
- क्या वास्तव में किसी संगठित अपराध गिरोह का संबंध इस मामले से है?
- आरोपी के साथ और कौन-कौन लोग शामिल थे?
निष्कर्ष
मुंबई का यह मामला केवल करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का नहीं, बल्कि कथित रूप से भय पैदा कर वसूली करने की कोशिश का भी है। व्यापारी से ₹2.79 करोड़ की रकम रोकने, अंडरवर्ल्ड के नाम पर धमकी देने और ₹1 करोड़ की फिरौती मांगने के आरोपों ने इसे शहर के हालिया सबसे चर्चित आर्थिक अपराध मामलों में शामिल कर दिया है। फिलहाल मुख्य आरोपी पुलिस हिरासत में है और क्राइम ब्रांच मामले के अंतरराष्ट्रीय तथा संगठित अपराध से जुड़े संभावित पहलुओं की जांच कर रही है। आने वाले दिनों में जांच से और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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