महाराष्ट्र सरकार ने विदर्भ क्षेत्र में सड़क संपर्क और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए चार बड़े एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स को प्रशासनिक मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis की अध्यक्षता में हुई इंफ्रास्ट्रक्चर समिति की बैठक में यह फैसला लिया गया।
इन परियोजनाओं की कुल लंबाई लगभग 550 किलोमीटर होगी और कुल अनुमानित लागत ₹51,906.35 करोड़ बताई गई है। निर्माण कार्य महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MSRDC) द्वारा किया जाएगा।
मंजूर किए गए चार प्रमुख एक्सप्रेसवे
- नागपुर–गोंदिया एक्सप्रेसवे – 162.377 किमी
- भंडारा–गडचिरोली एक्सप्रेसवे – 94.241 किमी
- नागपुर–चंद्रपुर एक्सप्रेसवे – 204.799 किमी (सबसे लंबा)
- नवेगांव मोरे–कोंसारी से सूरजगढ़ ग्रीनफील्ड रोड – 85.765 किमी
सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से पूर्वी और पश्चिमी महाराष्ट्र के बीच तेज संपर्क स्थापित होगा। इससे विदर्भ के औद्योगिक, खनन और ग्रामीण क्षेत्रों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने अधिकारियों को सभी प्रक्रियाएं तेजी से पूरी करने और परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार, इन एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य सितंबर 2028 से दिसंबर 2028 के बीच पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
बैठक में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नवेगांव मोरे–सूरजगढ़ कॉरिडोर को समृद्धि महामार्ग से जोड़ा जाए ताकि खनिज परिवहन और माल ढुलाई अधिक तेज और आसान हो सके। साथ ही पश्चिम महाराष्ट्र और कोंकण को जोड़ने वाले संभावित टनल रोड प्रोजेक्ट का अध्ययन करने के निर्देश भी दिए गए।
इन परियोजनाओं के लिए कई जिलों में बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण किया जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे रोजगार, निवेश और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।
#mpksnews

