
महाराष्ट्र विधान परिषद (MLC) चुनाव 2026 के नतीजों में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 17 में से 16 सीटों पर जीत दर्ज की। इस जीत के साथ भाजपा, शिवसेना (शिंदे गुट) और एनसीपी (अजित पवार गुट) के गठबंधन ने राज्य की राजनीति में अपना दबदबा और मजबूत कर लिया है। (The New Indian Express)
चुनाव कब हुए?
इन सीटों के लिए मतदान 18 जून 2026 को हुआ था, जबकि कुछ सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए थे। मतगणना 22 जून को हुई, जिसमें महायुति को बड़ी सफलता मिली। (Hindustan Times)
किस पार्टी को कितनी सीटें मिलीं?
महायुति गठबंधन के भीतर:
- भाजपा (BJP) – 11 सीटें
- शिवसेना (शिंदे गुट) – 3 सीटें
- एनसीपी (अजित पवार गुट) – 2 सीटें
इस प्रकार गठबंधन ने कुल 16 सीटों पर जीत हासिल की। (Hindustan Times)
विपक्ष का नहीं खुला खाता
महाविकास आघाड़ी (MVA) जिसमें कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) और एनसीपी (शरद पवार गुट) शामिल हैं, इस चुनाव में एक भी सीट नहीं जीत सकी। विपक्ष का खाता तक नहीं खुल पाया, जिसे राजनीतिक विश्लेषक महायुति की बड़ी जीत और विपक्ष की बड़ी हार मान रहे हैं। (The New Indian Express)
नासिक सीट पर हुआ बड़ा उलटफेर
पूरे चुनाव में सबसे बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम नासिक सीट पर देखने को मिला। यहां भाजपा के बागी उम्मीदवार गोकुल गीते ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ते हुए शिवसेना के आधिकारिक उम्मीदवार नरेंद्र दराडे को हरा दिया। गोकुल गीते को 357 वोट मिले जबकि नरेंद्र दराडे को 258 वोट प्राप्त हुए। (The New Indian Express)
क्रॉस वोटिंग बनी चर्चा का विषय
चुनाव परिणामों के बाद कई क्षेत्रों में क्रॉस वोटिंग की चर्चा तेज हो गई। राजनीतिक दलों के कई जनप्रतिनिधियों द्वारा पार्टी लाइन से हटकर मतदान करने की खबरें सामने आईं। माना जा रहा है कि इसका फायदा महायुति को मिला, जबकि विपक्ष को नुकसान उठाना पड़ा। (The Times of India)
विदर्भ और मराठवाड़ा में महायुति का दबदबा
विदर्भ क्षेत्र के नागपुर, अमरावती और भंडारा-गोंदिया सहित कई जिलों में महायुति उम्मीदवारों ने शानदार जीत दर्ज की। वहीं मराठवाड़ा क्षेत्र में भी भाजपा और शिवसेना के उम्मीदवारों ने सफलता हासिल कर गठबंधन की ताकत का प्रदर्शन किया। (The Times of India)
मुख्यमंत्री फडणवीस ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने चुनाव परिणामों को महायुति के पक्ष में जनता और जनप्रतिनिधियों का स्पष्ट समर्थन बताया। उन्होंने इसे गठबंधन के विकास कार्यों और सुशासन पर लगी मुहर करार दिया। (Rediff)
आगे क्या असर पड़ेगा?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विधान परिषद चुनाव में मिली यह जीत आने वाले नगर निगम, जिला परिषद और स्थानीय निकाय चुनावों में महायुति के लिए बड़ा मनोबल बढ़ाने वाली साबित हो सकती है। साथ ही राज्य की राजनीति में गठबंधन की स्थिति और मजबूत होगी। (The Times of India)
