₹7,000 करोड़ के निवेश से बदलेगी तस्वीर, GMR ग्रुप संभालेगा संचालन
GMR Group और महाराष्ट्र सरकार के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार की कैबिनेट ने नागपुर के Dr. Babasaheb Ambedkar International Airport के संचालन और विकास को PPP (Public Private Partnership) मॉडल के तहत GMR ग्रुप को सौंपने को मंजूरी दे दी है।
इस फैसले के बाद नागपुर एयरपोर्ट में लगभग ₹7,000 करोड़ का बड़ा निवेश किया जाएगा, जिससे एयरपोर्ट की पूरी तस्वीर बदलने की उम्मीद है।
क्या-क्या होगा नया?
- एयरपोर्ट का बड़े स्तर पर आधुनिकीकरण
- नया और आधुनिक टर्मिनल निर्माण
- यात्रियों की क्षमता में कई गुना बढ़ोतरी
- कार्गो और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं का विस्तार
- अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को बढ़ावा
- MIHAN प्रोजेक्ट को मिलेगी नई रफ्तार
सरकार का मानना है कि इस प्रोजेक्ट से नागपुर को देश के प्रमुख एविएशन और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित किया जा सकेगा।
PPP मॉडल क्या होता है?
PPP यानी Public Private Partnership मॉडल में सरकार और निजी कंपनी मिलकर किसी बड़े प्रोजेक्ट का संचालन और विकास करते हैं। इससे सरकार पर आर्थिक बोझ कम होता है और निजी कंपनियों की तकनीक व मैनेजमेंट का फायदा मिलता है।
रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
इस प्रोजेक्ट के शुरू होने के बाद हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। एविएशन, होटल, ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में बड़ा फायदा देखने को मिल सकता है।
नागपुर के लिए क्यों है खास?
नागपुर भारत के केंद्र में स्थित है, इसलिए इसे लॉजिस्टिक्स और कार्गो हब बनाने की योजना लंबे समय से चल रही थी। एयरपोर्ट के विकास से MIHAN (Multi-modal International Cargo Hub and Airport at Nagpur) प्रोजेक्ट को भी मजबूती मिलेगी।
सरकार ने क्या कहा?
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, यह फैसला महाराष्ट्र और विदर्भ क्षेत्र के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और आने वाले वर्षों में नागपुर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिला सकता है।
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