
महाराष्ट्र में हाई अलर्ट: RSS मुख्यालय, CMO, BMC और BSE को बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
महाराष्ट्र में बुधवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब राज्य के कई महत्वपूर्ण सरकारी और संवेदनशील संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकी भरे ईमेल प्राप्त हुए। इन ईमेल में नागपुर स्थित RSS मुख्यालय, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO), मुंबई के BMC मुख्यालय, मुंबई मेयर कार्यालय, पुणे मेयर कार्यालय और देश के सबसे पुराने शेयर बाजार BSE (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) को निशाना बनाने की बात कही गई थी। धमकी मिलने के बाद पूरे राज्य में सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया और कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया।
किन-किन जगहों को मिली धमकी?
धमकी भरे ईमेल में जिन प्रमुख स्थानों का उल्लेख किया गया, उनमें शामिल हैं:
- नागपुर का RSS मुख्यालय और डॉ. हेडगेवार स्मृति भवन
- महाराष्ट्र मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO)
- मुंबई का BMC मुख्यालय
- मुंबई मेयर कार्यालय
- पुणे मेयर कार्यालय
- महाराष्ट्र विधान भवन
- बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE)
इन संस्थानों को राज्य की सुरक्षा और प्रशासनिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है। इसलिए ईमेल मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं।
ईमेल में क्या लिखा था?
प्रारंभिक जांच के अनुसार, धमकी भरे ईमेल में खुद को “खालिस्तान नेशनल आर्मी” (Khalistan National Army) से जुड़ा बताया गया। ईमेल में कई संस्थानों पर IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) के जरिए विस्फोट करने की चेतावनी दी गई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईमेल में ऑपरेशन ब्लू स्टार का भी जिक्र किया गया और बदला लेने जैसी भड़काऊ बातें लिखी गई थीं।
बताया जा रहा है कि यह ईमेल “Tamia Edwards” नाम से भेजा गया था और इसमें विभिन्न तारीखों और समय का भी उल्लेख किया गया था।
सबसे पहले कहां पहुंची सूचना?
पुणे नगर निगम के आधिकारिक ईमेल अकाउंट पर सुबह करीब 8:21 बजे यह धमकी भरा मेल प्राप्त हुआ। कार्यालय कर्मचारियों को इसकी जानकारी लगभग 10:15 बजे मिली, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचित किया गया। इसके बाद महाराष्ट्र पुलिस कंट्रोल रूम को अलर्ट किया गया और राज्यभर की सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया।
मुंबई में क्या कार्रवाई हुई?
मुंबई में BMC अधिकारियों को जैसे ही धमकी भरे ईमेल मिले, मुंबई पुलिस को इसकी जानकारी दी गई। BMC मुख्यालय, मेयर कार्यालय और BSE भवन के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई।
- बम निरोधक दस्ते (BDDS) को मौके पर भेजा गया।
- डॉग स्क्वॉड की मदद से तलाशी अभियान चलाया गया।
- कई स्थानों पर लोगों की आवाजाही पर नजर रखी गई।
- CCTV फुटेज की जांच शुरू की गई।
हालांकि जांच के दौरान किसी भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री के मिलने की पुष्टि नहीं हुई।
नागपुर में RSS मुख्यालय की सुरक्षा बढ़ाई गई
नागपुर स्थित RSS मुख्यालय को भी धमकी मिलने के बाद पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। डॉ. हेडगेवार स्मृति भवन और RSS कार्यालय परिसर की गहन जांच की गई।
- बम निरोधक दस्ते ने परिसर की जांच की।
- आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई।
- प्रवेश और निकास बिंदुओं पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
घंटों तक चले तलाशी अभियान के बाद वहां भी कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली।
ATS और खुफिया एजेंसियां भी जांच में जुटीं
मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS), राज्य खुफिया विभाग और केंद्रीय एजेंसियों को भी जांच में शामिल किया गया।
जांच एजेंसियां निम्न बिंदुओं पर काम कर रही हैं:
- ईमेल किस IP एड्रेस से भेजा गया?
- क्या ईमेल भारत से भेजा गया या विदेश से?
- इस्तेमाल किया गया ईमेल अकाउंट फर्जी है या वास्तविक?
- क्या किसी संगठित नेटवर्क की इसमें भूमिका है?
- क्या यह वास्तविक आतंकी साजिश थी या महज अफवाह फैलाने की कोशिश?
साइबर सेल ईमेल के डिजिटल ट्रेल का विश्लेषण कर रही है।
क्या यह धमकी फर्जी निकली?
प्रारंभिक जांच और तलाशी अभियान में किसी भी स्थान से बम या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई है। कई मीडिया रिपोर्ट्स में इसे “होक्स” यानी फर्जी धमकी बताया गया है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि भले ही ऐसी धमकियां झूठी साबित हों, लेकिन इन्हें हल्के में नहीं लिया जा सकता क्योंकि इससे प्रशासनिक कामकाज प्रभावित होता है और लोगों में दहशत फैलती है।
पुलिस ने लोगों से क्या अपील की?
महाराष्ट्र पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि:
- किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें।
- संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।
- सार्वजनिक स्थानों पर लावारिस वस्तुओं को न छुएं।
- सोशल मीडिया पर अपुष्ट जानकारी साझा न करें।
अधिकारियों ने कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और नागरिकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है।
राजनीतिक और सुरक्षा महत्व
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब महाराष्ट्र देश के सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक और प्रशासनिक राज्यों में से एक है। मुंबई देश की आर्थिक राजधानी है, जहां BSE जैसे संस्थान स्थित हैं, जबकि नागपुर में RSS का मुख्यालय है। ऐसे संवेदनशील ठिकानों को एक साथ निशाना बनाए जाने से सुरक्षा एजेंसियों ने इसे बेहद गंभीरता से लिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल माध्यम से भेजी जाने वाली इस तरह की धमकियां भविष्य में एक बड़ी चुनौती बन सकती हैं, क्योंकि इनका उद्देश्य केवल हमला करना ही नहीं बल्कि भय और अस्थिरता का माहौल पैदा करना भी होता है।
फिलहाल क्या है स्थिति?
ताजा जानकारी के अनुसार:
- सभी संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
- तलाशी अभियान पूरा किया जा चुका है।
- किसी भी स्थान से विस्फोटक सामग्री नहीं मिली है।
- साइबर जांच जारी है।
- धमकी भेजने वालों की पहचान करने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
महाराष्ट्र सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सतर्क है और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है और पुलिस ने कहा है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, नए तथ्य सामने आने पर जनता को आधिकारिक जानकारी दी जाएगी।
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